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Sunday, 13 February 2022

जीत-हार

मैं तब तब खुश होता हूँ
जब जब तुम मुझसे जीतते हो
या फिर, मैं तुमसे हारता हूँ
इस जीत हार के बगैर भी
मैं अनमना सा रहता हूँ
मैं सदा खुश रहना चाहता हूँ
चलो! फिर चहकें हम

रामनारायण सोनी 

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