Friday, 30 June 2023
Tuesday, 27 June 2023
दो घूँट प्यार के ला देना
Monday, 26 June 2023
गीत सृजन के गावेंगे
Thursday, 22 June 2023
दो दिये दो जिन्दगी
Sunday, 18 June 2023
स्मृतियों में सदा जियूँगा
स्मृतियों में सदा जियूँगा
Friday, 16 June 2023
घुल जाएँ हम
Thursday, 15 June 2023
ऐ जिन्दगी
Sunday, 11 June 2023
चुभते हुए ख्वाब
Saturday, 10 June 2023
कस्तूरी के मृग
Friday, 9 June 2023
तुम न आए
मन का संस्पर्श
Wednesday, 7 June 2023
नदी के बेचारे पत्थर
Monday, 5 June 2023
रंगकर्म का सूत्रधार
Saturday, 3 June 2023
रंग मेरी संकल्पना के
Thursday, 1 June 2023
पाँच कविताएँ
यह मेरा इन्दौर है
यह मेरा इन्दौर है, यह राष्ट्र का सिरमौर है
जो कदम हमने चले पदचिह्न बनते वे गये।
गढ़ लिये प्रतिमान हमने कर्म से सब नित नये।।
युग प्रवर्तन के नये संकल्प भर कर मुट्ठियों में
स्वच्छता के ध्वज तले एकत्र जन गण सब हुए।।
यह मेरा इन्दौर है, यह राष्ट्र का सिरमौर है
शहर के बच्चे बड़े सहभागिता इसमें किये हैं
स्वच्छता के सूत्र सारे विश्व ने हम से लिये हैं
पञ्च तत्वों के प्रदूषण खत्म कैसे हों शहर से
जन-प्रशासन ने हमारे लक्ष्य हाथों में लिये हैं।।
यह मेरा इन्दौर है, यह राष्ट्र का सिरमौर है
कान्ह और यह सरस्वती स्वच्छ नीरा हो बहेगी
छत्रियाँ तट पर विरासत की कथाएँ खुद कहेंगी।
राजवाड़ा है हृदय में मराठा-शौर्य का इतिहास गाता
रंग की पिचकारियाँ उल्लास की गाथा कहेगी।।
थी कभी यह राजधानी सूत की और सूतमिल कीयह मेरा इन्दौर है, यह राष्ट्र का सिरमौर है
थी श्रमिक को बाँटती आजीविका परिवार भर की
कौन जाने इस नगर को क्यो नजर काली लगी
छिन गया वैभव श्रमों का छिन गई थी शान्ति जन की
यह मेरा इन्दौर है, यह राष्ट्र का सिरमौर है
पर शहर जीवट हमारा फिर नई अंगड़ाई ले ली
कृषि उपज और मण्डियों ने राह अपनी खोज डाली
फिर जगा व्यापार का इक नया अभिसार ले कर
शहर हो स्मार्ट सूरत फिजाँ मिल कर बदल डाली।
यह मेरा इन्दौर है, यह राष्ट्र का सिरमौर है
चल शिखर की श्रृंखलाएँ हर क्षेत्र में अपनी बनाएँ
सीखने यह विश्व सारा हैं ऑंगने इन्दौर आए
भोग छप्पन बाफलों संग आएँ और सब जीम जाएँ
मालवी की मालवा की मधुरता सब को चखाएँ।।
यह मेरा इन्दौर है, यह राष्ट्र का सिरमौर है
हम सभी मिल कर इसे फिर राष्ट्र का गौरव बनाएँ।।।
रामनारायण सोनी
२८.०५.२३
