नवगति नवलय
. ll नवगति, नवलय, ताल-छन्द नव ll * सम्वेदनाओं के विविध आयाम *
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Friday, 16 June 2023
घुल जाएँ हम
घुल जाएँ हम
कहीं ऐसा न हो कि
सामने हो कर भी
पुतलियों में ही खड़ा रह जाऊँ
चलो हम मूँद लें
आँखें अपनी अपनी
जब तलक घुल न जाएँ हम
भीतर ही भीतर
मैं तुझ में! तू मुझ में!!
रामनारायण सोनी
१६.०६.२३
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