नवगति नवलय
. ll नवगति, नवलय, ताल-छन्द नव ll * सम्वेदनाओं के विविध आयाम *
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Saturday, 5 February 2022
परागण
ए पुष्प!
तुम्हारे हृदयकोष को
बनाया है परमात्मा ने
जगत में परागण के
निस्तार और संचार के लिये
मुझे तुम्हारा हृदय होना है
रामनारायण सोनी
०५.०२.२०२२
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