Pages

Saturday, 24 September 2022

बटुआ

एक ऐयारी का !
जादुई बटुआ है मेरे पास
बहुत सारे पुड़ हैं उसमें
खोल कर दिखाता हूँ
एक तिलिस्म तुम्हें
रख रख्खे हैं इसमें मैंने
तरह तरह के पल
खूबसूरत पल, आनन्द के पल,
जिन्दगी के अलग अलग मोड़ के पल,
मिलन के बिछड़ने के पल।
कुछ पल ऐसे भी हैं
जिनका साया आज तक भी
पीछा नहीं छोड़ रहे
और वे जिन्दगी के सफेद कागजों
को ढँकने लगता है।

रामनारायण सोनी
२५.०९.२२

No comments:

Post a Comment