कितना फर्क है
मिट्टी सुराही की, मिट्टी चिलम की
आसमान चाँद-तारों का,
आसमान कड़कती बिजलियो का
जमीन चमन की, जमीन दफन की
कभी एक बारात गुजरती है सड़क से
हो जाता है आमना-सामना...
उसका किसी जनाजे से
जिसने बनाया रंग सफेद...
उसी ने काला भी
क्यों बनाया एक परिन्दा...
खुले आसमान के लिए...
तो फिर क्यों बनाया ?
दूसरा पिंजरे के लिये
रामनारायण सोनी
१०.०९.२२
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