तुम्हारी पसन्द हो सकती है
मोगरा, जुही, गुलाब या चमेली
पर उन्हें पसन्द है
सारे जगत को बिना भेदभाव के
खुशबू और खूबसूरती बिखेरना
पसन्द शायद तुम्हें वे फूल भी हो...
जैसे अमलतास, टेसू, कचनार, कमल
पर उन्हें पसन्द हैं
जगत में प्रकृति और परमात्मा के
सौंदर्य का दर्शन कराना
तुम्हें पसन्द जरूर होगा
नन्हें से शिशु का सहज हास्य
पर महसूस करके देखो
वहाँ परमात्मा मुस्कुरा रहा है।
महसूस करना कि
तुम्हारा रुदन भी
उस करुणा वरुणालय की
प्रार्थना का हिस्सा हो सकता है।
रामनारायण सोनी
१०.०८.२२
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