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Tuesday, 23 August 2022

मुझे मैं क्यूँ पसन्द हूँ

चाहे तुम इसे..
अपने प्रिय से, प्रियतम से, 
स्वामी से, सखा से, अनुचर से..
यहाँ तक कि अपने सेवक से कहो
या फिर 
स्वयं उस परमात्मा से कहो!!!
कि, मुझे मैं इसलिये पसन्द हूँ
कि
मै सिर्फ तुम्हें पसन्द करता हूँ
तो समझो कि 
तुम उपलब्ध हो गए हो
गीता के समत्व योग को

रामनारायण सोनी 
१०.०८.२२

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