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Friday, 21 October 2022

स्वप्न से समाधि तक

स्वप्न से समाधि तक

जब मन अन्धा हो
तो नयन और बटन में कोई फर्क नहीं
जब मन ऊँचा सुनता हो
तो बोली और अबोली में कोई फर्क नहीं
जब मन ही दग्ध हो
तो जल में और अनल में कोई फर्क नहीं
लेकिन जब मन ही अमन हो
तो स्वप्न और समाधि में भी कोई फर्क नहीं

रामनारायण सोनी

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