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Saturday, 1 October 2022

संस्पर्श

कागज-कलम की दूरी 
कमबख्त इस दिल से
सिर्फ एक हाथ भर की ही तो थी
पर अपनी कुछ बातें 
उन्हें लिख कर बताने में
एक उम्र खर्च कर डाली हमने
फिर भी बात अधूरी ही रह गई

रामनारायण सोनी
२.१०.२२

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